Opposition Alliance india || Mallikarjun Khargem || 5 Point || INDIA Alliance: देश की राजनीति में एक बार फिर विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन सक्रिय नजर आया। हाल ही में आयोजित गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने साझा प्रेस वार्ता में बताया कि गठबंधन में शामिल दलों ने पांच प्रमुख मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाई है। इनमें मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR), शिक्षा व्यवस्था, आर्थिक हालात, गठबंधन की भविष्य की रणनीति और संसद में समन्वय जैसे विषय शामिल हैं। बैठक में कुल 25 राजनीतिक दलों ने भाग लिया। कुछ नेताओं ने वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सभी प्रस्तावों का समर्थन किया। 1. मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर मुख्य न्यायाधीश को पत्र बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतें रहीं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों और कथित हेरफेर की आशंकाओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। इसी को देखते हुए INDIA गठबंधन ने फैसला किया है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक विस्तृत पत्र भेजा जाएगा। 2. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज बैठक में शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने NEET-UG परीक्षा विवाद, पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। 3. आर्थिक हालात पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग देश की अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को भी विपक्ष ने प्रमुख मुद्दा बताया। गठबंधन का मानना है कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों पर व्यापक राजनीतिक सहमति और चर्चा की आवश्यकता है। इसी कारण केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह जल्द से जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाए, जिसमें रोजगार, निवेश, कृषि संकट, महंगाई और छोटे उद्योगों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हो सके। 4. हर दो महीने में होगी INDIA गठबंधन की बैठक बैठक में गठबंधन की संगठनात्मक मजबूती पर भी सहमति बनी। तय किया गया कि INDIA गठबंधन के सभी घटक दल हर दो महीने में नियमित बैठक करेंगे ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रणनीति बनाई जा सके। इस निर्णय के तहत अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी। विपक्षी नेताओं का मानना है कि लगातार संवाद और समन्वय से गठबंधन की एकजुटता मजबूत होगी। 5. संसद में जारी रहेगा साझा समन्वय मानसून सत्र को लेकर भी विपक्षी दलों ने संयुक्त रणनीति बनाने का निर्णय लिया। तय हुआ कि संसद के दौरान सभी दलों के बीच रोजाना समन्वय बैठक होगी। इसका उद्देश्य विभिन्न मुद्दों पर एक समान रुख अपनाना और संसद के भीतर विपक्ष की आवाज को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। 25 दलों की मौजूदगी ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), वाम दलों समेत कुल 25 दल शामिल हुए। इसके अलावा कुछ प्रमुख नेताओं ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया और सभी प्रस्तावों का समर्थन किया। विपक्ष ने सरकार पर लगाए कई आरोप बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया, जांच एजेंसियों के उपयोग, महंगाई, बेरोजगारी और विदेश नीति जैसे विषयों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और पारदर्शिता बनाए रखना समय की जरूरत है। साथ ही युवाओं, किसानों, छोटे कारोबारियों और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार से जवाबदेही की मांग की गई। आगे क्या? INDIA गठबंधन की इस बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विपक्ष आने वाले महीनों में चुनावी, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और नियमित बैठकों के फैसले से यह साफ है कि विपक्ष आगामी राजनीतिक संघर्ष के लिए साझा मंच को और मजबूत करने की कोशिश में जुटा हुआ है। ये भी पढ़ें: शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं, सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी